आदिम जनजाति डाकिया खाद्यान्न योजना 2023 Jharkhand – हर महीने मिलेगा मुफ़्त 35 किलो चावल

झारखंड आदिम जनजाति डाकिया खाद्यान्न योजना :- दोस्तों जैसा के नाम से पता चल रहा है के यह योजना जनजाति के लिए है और झारखंड राज्य में लागू कड़ी गई है जी हा दोस्तों झारखंड के मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन जी के तरफ़ से इस योजना को लाया गया है ।

इस योजना के तहत राज्य में बस रहे आदिम जनजाति के परिवार को हरेक महीने मुफ़्त में 35 किलो चावल मुहैया कराया जाएगा जो कि एक बहुत ही अच्छी पहल मानी जा रही है जिससे के जनजाति समुदाये को काफ़ी फ़ायदा पहुँचेगा ।

आप को बता दे के इस योजना का लाभ फ़िलहाल तो सिर्फ़ आदिम जनजाति के लोगो को ही मिल रहा है मगर राज्य में बस रहे बिरहोर समुदाये के लोगो को शामिल करने के लिए एक बार फिर से राज्य सरकार की ओर से सर्वे कड़ी जा रही है ।

दोस्तों अगर आप झारखंड के रहनेवाले है और आप इन आदिम जनजाति के है और इस योजना में आवेदन कर आप इस योजना का भरपूर लाभ प्राप्त करना चाहते है तो आप हमारे इस आर्टिकल को पूरा अंत तक ज़रूर पढ़िए जिस्म मैंने बताया हुआ है के कैसे आप इस योजना में आवेदन कर सकते है और इस योजना में क्या क्या डॉक्यूमेंट लगेंगे, इस योजना में आवेदन की क्या प्रक्रिया है और कौन वह लोग है जो की इस योजना में आवेदन कर सकते है और इस योजना के लिए पात्र माने गये है ।

इन सभी जानकारी को प्राप्त करने के लिए आपको मेरे इस आर्टिकल को पूरा पढ़ना होगा तभी आप इस योजना से संबंधित सभी जानकारी प्राप्त करने में सक्षम हो पायेंगे तो चलिए शुरू करते है ।

आदिम जनजाति डाकिया खाद्यान्न योजना PTG जानकारी

Table of Contents

योजना का नामआदिम जनजाति डाकिया खाद्यान्न योजना | Adim Janjati Dakiya Khadyanna Yojana
किस राज्य मेंझारखंड राज्य में
किसके द्वारामुख्यमंत्री माननीय श्री हेमंत सोरेन जी के द्वारा
लाभहर महीने 35 किलो चावल प्राप्त होगा
लाभार्थीझारखंड राज्य में बस रहे आदिम जनजाति के लोग
आवेदन प्रक्रियाकेवल एक ही प्रक्रिया वह भी ऑफ़लाइन
उद्देश्यराज्य के आदिम जनजाति के लोगो को मुफ़्त 35 किलो चावल देना
Adim Janjati Dakiya Khadyanna Yojana / आदिम जनजाति डाकिया खाद्यान्न योजना

Adim Janjati Dakiya Khadyanna Yojana 2023

दोस्तों झारखंड सरकार की तरफ़ से शुरू की गई इस योजना में राज्य के आदिम जनजाति के लोग को उनके घर तक पहुँच कर उन्हें हरेक महीने 35 किलो चावल दिया जा रहा है यह योजना झारखंड के मुख्यमंत्री माननीय श्री हेमंत सोरेन जी के हटो शुरू किया गया जिसके तहत राज्य के जनजाति समुदाय को डायरेक्ट फ़ायदा पहुँच रहा है ।

इस योजना को संचालन करने का ज़िम्मेदारी झारखंड सरकार के तहत आनेवाली खाद्य एवं आपूर्ति विभाग को दिया गया है। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की माने तो अभी तक इस योजना का लाभ प्राप्त करनेवाले परिवार की संख्या कुल 50 है जो के चलकरी के रहनेवाले है।

इस योजना में आदिम जनजाति के साथ साथ बिरहोर जनजाति के लोगो को भी शामिल करने के लिए एक बार फिर से झारखंड सरकार की और से सर्वे किया जा रहा है टेक उन्हें भी इस योजना का लाभ प्राप्त हो सके आपको बता दें के सोरेन सरकार की इस कदम की बहुत ही सराहना हो रही है राज्य के लोग इस योजना से बहुत ही खुस है ।

इस योजना में पायी जानेवाली लाभ को प्राप्त करने के लिए आपको कही जाने कि कोई आवश्यकता नहीं है क्यों की राज्य सरकार ख़ुद ही चल कर उनके घर आ कर उनकी यह 35 किलो चावल का अमानत सौंप कर जाएगी जैसे के दृष्टि आईएएस के फ़ाउंडर श्री ‘ डॉ विकास दिव्याकीर्ति ‘सिर ने कहा है की ‘ किसी भी देश या राज्य की सरकार अच्छी वह है जो ख़ुद लाभार्थी के घर जा कर सेवा करे नकी सेवाग्रही उनके पास चल कर आये ऐसा वह सोचे यही एक अच्छे सरकार और एक अच्छी शासन की निशानी है ‘

ठीक इसी तरह से हेमंत सरकार ने लाभार्थी के घरों तक पहुँच कर उनके हक़ को अदा कर रही है इस योजना के माध्यम से आपको बता दे के इस योजना में आप केवल ऑफ़लाइन ही आवेदन कर सकते है इस योजना के लिए कोई आधिकारिक वेबसाइट या पोर्टल का लॉंच नहीं किया गया है ।

इस योजना में आवेदन करने वाला झारखंड का निवासी होने के साथ साथ वह आदिम जनजाति के समूह से होना बिलकुल बहुत ही ज़रूरी है और अंत में आवेदक का उम्र कान से कम 18 वर्ष का होना चाहिये तभी आप इस योजना में आवेदन कर सकते है और अधिक विस्तार के लिये मेरे इस आर्टिकल को अंत तक पढ़े ।

Jharkhand Adim Janjati Dakiya Khadyanna Yojana उद्देश्य

आदिम जनजाति डाकिया खाद्यान्न योजना

झारखंड सरकार की और से चलायी गई इस आदिम जनजाति डाकिया खाद्यान्न योजना का मुख्य उद्देश्य ये है के आदिम जनजाति के लिए खाद्य सुरक्षा ध्यान में रखते हुए आदिम जनजाति को ख़ाना मुहैया कराना जिससे के वह अपना जीवन आराम से व्यतीत कर सके और उनके बच्चे के स्वास्थ्य में एक सकारात्मक परिवर्तन आ सके और उनके आने वाले सभी पीढ़ी को कुपोषण की शिकार से बचाया जा सके ।

जैसा के हम सभी जानते है के आम तौर पर जनजाति लोग जंगल में रहते है या फिर घूम घूम कर माँग कर खाते है मतलब के कितनी बार उनको ख़ाना ना मिलने के कारण भूक भी सोना पड़ता है और कई बार शिकार में विफल होने के कारण वह अपने खाने का इंतज़ाम नहीं कर पाते इसी गंभीर समस्या को सुधार करने एवं उनकी जीवन स्तर को अछा बनाने और ऊपर उठाने के लिए झारखंड सरकार की ओर से आदिम जनजाति डाकिया खाद्यान्न योजना का शुरुआत किया गया है जिस्म उन्हें हरेक महीने उनके घर पर जा कर उनको 35 किलो चावल दिया जाएगा ।

आदिम जनजाति डाकिया खाद्यान्न योजना पीटीजी लाभ एवं विशेषताएँ

आदिम जनजाति डाकिया खाद्यान्न योजना के लाभ उड़ इस की विशेषताएँ कुछ इस प्रकार है ।

  • यह योजना भारत के झारखंड राज्य में लागू करी गई है
  • इस योजना को झारखंड के मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन जी ने शुरू किया है
  • इस योजना के तहत राज्य के जनजाति समुदाय को लाभ प्राप्त होगा
  • इस योजना के तहत राज्य के 50 जनजाति परिवार को इस योजना का लाभ प्राप्त हो रहा है
  • इस योजना को संचालन करने का जिम्मा राज्य के खाद्य एवं आपूर्ति विभाग को दिया गया है
  • इस योजना के तहत जनजाति परिवार को हरेक महीने 35 किलो चावल मुफ़्त में दिया जाएगा
  • इस योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए आपको कही जाने कि कोई आवश्यकता नहीं है क्यों कि सरकार ख़ुद ही जनजाति के घरों तक 35 किलो चावल डिलीवर करेगी
  • इस योजना में आप केवल एक ही तरीक़े से आवेदन कर सकते है और वह तरीक़ा है offline
  • जनजाति परिवार को खाने के कमी की समस्या से छुटकारा मिलेगा
  • जनजाति समुदाये के बच्चों को भर पेट दो वक़्त का ख़ाना नसीब होगा
  • आदिम जनजाति समुदाये को ख़ाना के आइये तरसना नहीं पड़ेगा और साथ ही में उनके बचो को कुपोषित होने से बचाया जा सकेगा ।

झारखंड आदिम जनजाति डाकिया खाद्यान्न योजना पात्रता

दोस्तों इस योजना में ऐसे लोग जो की झारखंड राज्य के स्थायी निवासी है वह लोग Primitive Tribe Postman Food Scheme में आवेदन कर सकते है और इसी के साथ साथ झारखंड राज्य के सिर्फ़ आदिम जनजाति के लोग इस योजना में आवेदन करने के लिए पात्र माने गये है।

आदिम और बिरहोर जनजाति के लोग के अलावा किसी अन्य जनजाति के लोग इस योजना के लिए पात्र नहीं माने गये है इसी लिये अगर आप आदिम जनजाति से आते है तभी आप इस योजना में आवेदन करिए गा नहीं तो आपकी आवेदन पत्र को ख़ारिज कर दिया जाएगा ।

इस योजना में आवेदन करनेवाला व्यक्ति 18 वर्ष या उससे ज़्यादा का होना चाहिये ।

आदिम जनजाति डाकिया खाद्यान्न योजना आवश्यक दस्तावेज

दोस्तों इस योजना में आवेदन कर इस योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए आपको नीचे दिये गये दस्तावेज़ो कि आवश्यकता पड़ेगी सो जब भी आप इस योजना में आवेदन करने हेतु तहसील जाये तो इन काग़ज़ात को अवश्य ले कर जाये जिन्हें मैंने नीचे लिस्ट आउट किया हुआ है ।

  • मूल निवासी प्रमाण पत्र
  • आधार कार्ड
  • पहचान पत्र
  • जाती प्रमाण पत्र
  • ऐक्टिव मोबाइल नंबर
  • हाल ही में लिया गया पासपोर्ट साइज का फोटो

किन लोगो को मिलेगा आदिम जनजाति डाकिया खाद्यान्न योजना का लाभ

दोस्तों जैसा के ये योजना के नाम से ही पता चल रहा है के यह योजना जनजाति के लिए है सो राज्य के अंदर जीतने भी आदिम जनजाति समुदाय के लोग हैं उन्हें इस योजना का लाभ प्राप्त होगा इसी के साथ साथ खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के अनुसार फ़िलहाल इस योजना के तहत राज्य के 50 परिवारों को इस योजना का लाभ दिया जा रहा है ।

यह 50 परिवार तोपचाँची ज़िले के चलकरी के रहनेवाले लोग है इसी के साथ साथ राज्य के बिरहोर परिवार को भी इस योजना में जोड़ने के लिए एक बार फिर से सर्वे किया जा रहा है और इस योजना में आदिम जनजाति के मुंडारी, उरावो, बंजारा आदि जनजाति के समुदाय को भी शामिल किया गया है ।

आदिम जनजाति डाकिया खाद्यान्न योजना  आवेदन प्रक्रिया

दोस्तों जैसा के मैंने आपको बताया इस योजना में आप आवेदन सिफ़र एक ही तरीक़े से कर सकते है और वह है ऑफ़लाइन का तरीक़ा क्यूकी इस योजना में आप ऑनलाइन आवेदन नहीं कर सकते इसी लिये इस योजना का आवेदन करने का आफ़लाइन तरीक़ा मैंनेनीचे दिया हुआ है जिससे फॉलो करके आप इस योजना का लाभ प्राप्त कर सकते है ।

  • इस योजना में आवेदन कर ने हेतु सबसे पहले आपको तहसील जाना होगा
  • उस के बाद संबंधित कर्मचारी से इस योजना का आवेदन फॉर्म मंगाना होगा
  • फॉर्म प्राप्त करने के बाद अब आपको उस फॉर्म में पूछी गई सभी जानकारियों को भरना होगा
  • इतना करने के पश्चात अब आपको उस फॉर्म में ज़रूरी डॉक्यूमेंट को अटैच करना होगा
  • डॉक्यूमेंट अटैच करने के बाद अब आप जहां से उस आवेदन पत्र को लिये थे वही पर जा कर जमा कराना होगा
  • अब आपकी प्रक्रिया पूरी हुई अब आगे की प्रक्रिया वहाँ के संबंधित अधिकारी करेंगे जैसे के आपकी द्वारा भारी गई फॉर्म कि जाँच, और वेरिफिकेशन आदि वग़ैरा
  • इस तरह इन बतायी गई प्रक्रिया को फूलो करके आप इस योजना में अपना आवेदन कर सकते है और इस योजना का लाभ प्राप्त कर सकते है ।

आदिम जनजाति डाकिया खाद्यान्न योजना pdf

दोस्तों इस योजना में आप केवल ऑफलाइन ही आवेदन कर सकते है इस योजना में ऑनलाइन अप्लाई करने का कोई तरीक़ा नहीं है नहीं झारखंड सरकार की तरफ़ से इस योजना के लिए कोई आधिकारिक वेब साईट ही लंच किया गया है ।

तो इसी लिये इस योजना से संबंधित किसी भी जानकारी तथा इस योजना का फॉर्म पीडीएफ़ आदि कुछ भी प्राप्त करने के लिए आपको झारखंड सरकार की खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के कार्यालय में ही जाना होगा और इस योजना का पीडीएफ़ फॉर्म प्राप्त कर सकते है ।

आदिम जनजाति डाकिया खाद्यान्न योजना Questions FAQ

Adim Janjati Dakiya Khadyanna Yojana क्या है ?

यह योजना एक ऐसी योजना है जिसके तहत आदिम जनजाति के लोगो को 35 किलो चावल दिया जाता है मुफ़्त में ।

Adim Janjati Dakiya Khadyanna Yojana किस राज्य में शुरू हुई है ?

इस योजना झारखंड राज्य में शुरू कड़ी गई है ।

आदिम जनजाति डाकिया खाद्यान्न योजना का लाभ क्या है ?

इस योजना का लाभ यह है के पात्र कैंडिडेट को हरेक महीने मुफ़्त में 35 किलो चावल प्राप्त होता है यही इस योजना का मुख्य लाभ है ।

झारखंड सरकार द्वारा लायी गई अन्य योजनाये :-

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